29-09-1996 ( 27 birthday )
पिता की नेतिक पुकार
दसरथ जैसा पिता लेकिन
शर्त राम सा वनवासी होगा
पिता अवश्य हूँ लेकिन
ध्र्तराष्ट्र सा मोहान्ध नहीं
कर्तव्य बोध से निर्वहन से परिचित
सोद्र्श्य वैभव में लिप्त किन्तु
कृष्ण सरीखा में कलयुग का
सोपान लिए
देखा हे भविष्य बेचते हो अकसर
हंसी खरीदते हो अकसर
तुम्हारी मुश्कान कहाँ खोई हे
जेसे ढंडी रात सोई हे
जब जन्म लिया तुमने अचानक
में तब भी महज़ एक बच्चा था
अर्सा बीता जीवन छीना छन - छन
फिर भी विश्वास सर्वत्र अच्छा था
उम्र बदली अहसास बदल गए
यह कायनात तुम्हारी झोली में
कब से भूली अटकी हे
थोडा सा अहसास जगादो
यह मज़बूर बाप की मर्ज़ी हे
यह मज़बूर बाप की मर्ज़ी हे ,,,,,,,,,,,
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डॉ . उमा शंकर व्यास
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